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सकारात्मकता का महत्व – डॉ अनमोल कुमार

नकारात्मक सोच से कुछ नहीं होता,
अंधेरे में दीया खुद नहीं जलता।

सोच बदलो तो राह बदल जाती है,
मंजिल खुद कदमों में आ जाती है।

काँटों में भी फूल नजर आएगा,
जो सकारात्मक नजर से देख पाएगा।

गिर कर उठना ही जीवन है,
हर हार में छिपी जीत का दर्शन है।

मन में रखो आशा का उजाला,
फिर हर दिन लगेगा दिवाली-होली वाला।

सकारात्मक रहो, मुस्कुराते रहो,
खुद भी जियो औरों को भी जिलाते रहो।

– डॉ अनमोल कुमार, मोकामा, पटना, बिहार

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