neerajtimes.com सहारनपुर — जिलाधिकारी अरविंद चौहान की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्तरीय पत्रकार स्थायी समिति की बैठक में पत्रकारों की सुरक्षा, सुविधाओं और उत्पीड़न से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर गंभीर चर्चा हुई। बैठक में वरिष्ठ पत्रकार सुरेंद्र सिंघल के खिलाफ दर्ज एफआईआर का मामला प्रमुखता से उठाया गया।
समिति सदस्य एवं ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष आलोक तनेजा ने जिलाधिकारी के समक्ष कहा कि सुरेंद्र सिंघल जिले के वरिष्ठ एवं मान्यता प्राप्त पत्रकार होने के साथ-साथ जिला स्तरीय पत्रकार स्थायी समिति के सदस्य भी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जिला पूर्ति अधिकारी द्वारा एफआईआर के लिए दी गई तहरीर में ऑडियो वार्ता के तथ्यों को सही स्वरूप में प्रस्तुत नहीं किया गया है। उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच किसी राजपत्रित अधिकारी से कराए जाने की मांग की।
आलोक तनेजा ने पत्रकार हितों से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण सुझाव भी बैठक में रखे। उन्होंने अंतर्जनपदीय टोल प्लाजा पर मान्यता प्राप्त पत्रकारों को टोल शुल्क में छूट देने तथा प्रत्येक थाना स्तर पर मान्यता प्राप्त पत्रकारों एवं जिला स्तरीय पत्रकार स्थायी समिति के सदस्यों की सूची उपलब्ध कराने की मांग की, ताकि पत्रकारों के उत्पीड़न की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
बैठक में स्थायी समिति के सभी पांच पत्रकार सदस्यों ने मान्यता प्राप्त पत्रकारों के लिए आयुष्मान कार्ड की सुविधा उपलब्ध कराने पर जिलाधिकारी अरविंद चौहान का आभार व्यक्त किया। जिलाधिकारी ने पत्रकारों की समस्याओं और सुझावों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
बैठक का संचालन जिला सूचना अधिकारी दिलीप गुप्ता ने किया। इस अवसर पर समिति सदस्य यश प्रभाकर, हर्ष प्रभाकर, सुरेंद्र सिंघल सहित वरिष्ठ पत्रकार राजेश जैन, नवाजिश खान, वेद प्रकाश पांडेय, संजय चौधरी और जुहेब खान उपस्थित रहे।
रिपोर्टर — महताब आज़ाद