मनुज को नित्य जीवन में सही व्यवहार रखना है।
शुचित हों कर्म मानव सही आचार रखना है।
कभी भी भूल से कोई न गंदा कर्म हो सबसे,
सकल सुख शांति से भरपूर यह संसार रखना है।
बुराई जो दिखे कोई शमन उसका हमें करना।
समस्या सामने आये उसी ओर ध्यान नित धरना।
चुने वह युक्ति हम जिससे सदा आसन हो मुश्किल,
जगत के दीन-दुखियों की हमेशा पीर को हरना।
– कर्नल प्रवीण त्रिपाठी, नोएडा, उत्तर प्रदेश