मनोरंजन

शिवम – जया भराड़े बड़ोदकर

Neerajtimes.com – शिवम आठ साल का लड़का था। खेल में बैडमिंटन बहुत अच्छा खेलता था। स्कूल में उसे देखते ही लोग कहने लगते। ऐसा खिलाड़ी हैं जो हर खेल में दिल लगा कर खेल ता है। जरूर नाम रोशन करेगा। स्कूल से ही उसे कई मेडल ट्रॉफी मिलने लगी। अब वह टीचर का लाडला बन गया था। टीचर भी उसे स्कूल से बाहर के स्पोर्ट में ले जाने लगे। एक दिन उसके मैच शुरू होने के पहले किसी ने उसकी रेकेट चुराली। वह बहुत परेशान हो गया। पर उसने हिम्मत नहीं हारी। किसी का रेकेट लेकर खेला और वहां भी उसने ट्रॉफी जीत ली। उसे उस दिन बहुत दुख हुआ किसने चुराई होगी। सोच कर रात भर सो न सका। अगले दिन स्कूल में उसका दोस्त रोहन आ या और कहने लगा की तूने मेरे बड़े भाई को उस दिन हराया था न। इसलिए मैं तुझसे बहुत नाराज हूं। जैसे ही शिवम ने ये सुना देखा कि रोहन अभी तक नाराज है। उसने रोहन को समझाया की खेल में तो हार जीत होती रहती है तू उसका बुरा मत मान । ठीक है अब वह उसके भाई को कभी नहीं हराएगा । उसने प्रॉमिस किया। रोहन अब शिवम के साथ साथ रहता खेलता ओर धीरे धीरे रोहन भी खेलने में अच्छा खिलाड़ी बन गया। शिवम ने उसे एक होनहार खिलाड़ी बना दिया

एक दिन रोहन शिवम का रेकेट लेकर जो उसने चुराया था। लेकर शिवम को वापस कर दिया। शिवम के आंखों में खुशी थी। की रोहन के मन में नफरत की जगह प्यार सम्मान का बीज बो दिया था।

-जया भराड़े बड़ोदकर, टाटा सीरिन, ठाणे  वेस्ट मुंबई, महाराष्ट्र

Related posts

क्यों कहाँ चल दिये – गुरुदीन वर्मा आज़ाद

newsadmin

पत्थर हुआ दिल – सुनील गुप्ता

newsadmin

सतरंगी मन हुआ होली में – सुनील गुप्ता

newsadmin

Leave a Comment