( 1 ) दो शुद्धात्माओं का
धरा पर शुभ मिलन,
है ये पाणिग्रहण संस्कार !
आई अड़तीसवीं विवाह वर्षगांठ.,
लेकर प्रेम आनंद खुशियाँ अपार !!
( 2 ) कृपा प्रभु की
बरस रही चहुँओर से,
मिल रहे शुभ समाचार !
पंचतत्वों से बनी इस काया से..,
चलीं दो शुद्धात्माएं विदेह के पार !!
( 3 ) प्रारब्ध कर्मों से
बनी जोड़ी यहाँ पर,
पाया श्रीलक्ष्मीनारायण स्वरूप सुंदर !
प्रतिभा सुनीलानंद का सुसंस्कृत परिवार..,
उत्साह उमंग संग मना रहा ये पर्व त्यौहार !!
(38 वीं) 07 फरवरी, रविवार 1988
– सुनील गुप्ता जयपुर,राजस्थान |