मनोरंजनसाहिब ! – त्रिशिका धरा, by newsadminFebruary 1, 2026019 Share0 साहिब! हम ऋणी तुम्हारे, तुमने राम का मंदिर बना दिया। भगवा-ए-हिन्द किया तुमने, तो हमने कमल खिला दिया। हम पहले ही घायल थे, आरक्षण की तलवार से। अब “सवर्ण” को कासा देके उसी, मंदिर के बाहर बिठा दिया। — त्रिशिका धरा, कानपुर, उत्तर प्रदेश