हम दुश्मन के हर बार का पलटवार करेंगे।
भर हुंकार सीमा से दुश्मन खबरदार करेंगे।
बड़े सीधे और मासूम लगते हैं देखने में मगर,
दिखाई गर टेडी आंख वतन चीरफार करेंगे।
शांति और प्रेम के पुजारी प्यार से रहते हैं हम।
जहर जाति का भाषा घोला नहीं स्वीकार करेंगे।
देख हमारी उन्नति फटती है छाती वैरियो की।
रोका गर विकास चक्र तुम्हारा बंटाधार करेंगे।
समझ कर हमे कमजोर देना नं धमकी बम की।
घुस के घर में जर्रा-जर्रा तेरा सब धुंआधार करेंगे।
गर्व है हमे हम भारतवासी कोटी नमन भूमी को।
भारत पर कुर्बान जान हम अपनी हर बार करेंगे।
– श्याम कुंवर भारती, बोकारो, ,झारखंड