मनोरंजन

गीत – अनिल भारद्वाज

राष्ट्र की युवा शान नमन है तुमको।
हे व्यक्तित्व महान नमन है तुमको।

स्वामी तुम हो इन्द्र ज्ञान के
कहें तुम्हें ज्ञानेंद्र,
तुम्हें विवेकानंद कहें या,
तुमको कहें नरेंद्र।

आध्यात्म विज्ञान नमन है तुमको।
हे व्यक्तित्व महान नमन है तुमको।

आज शिकागो का भाषण
दुनियां में गूंज रहा है,
कहां खो गये धर्म सनातन
तुमको ढूंढ रहा है।

अनुष्ठान धर्म के नमन है तुमको,
हे व्यक्तित्व महान नमन है तुमको

सदियां नमन करेंगी तुमको,
युग पूजेंगे तुमको,
भारत के संग विश्व समूचा,
याद करेगा तुमको।

भारत के सम्मान नमन है तुमको।
हे व्यक्तित्व महान नमन है तुमको।
– अनिल भारद्वाज एडवोकेट,
हाईकोर्ट ग्वालियर म.प्र.

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