सबके जीवन में खुशहाली आए,
मिले जन को सफलता अपार।
समृद्धि की कामना करते हैं हम,
मीठी वाणी से जीत लो संसार।।
आनंद की फुलवारी में बैठकर,
देखो स्वर्णिम भविष्य का सपना।
नए लक्ष्य की योजना तैयार कर,
सभी अधूरे कार्य पूरा हो अपना।।
फिर से एक नई शुरुआत करेंगे,
जीवन की दिशा व दशा को सुधार।
रुत आएँगी, खुशी और सुख लेकर,
पहले मन से विधाता को पुकार।।
मिलेगा इतना कि सोच नहीं सकते,
भव्य जीत से चर्चा होगी चहुँओर में।
नया साल में बदलेगा तुम्हारा भाग्य,
सुबह होगी, नया सूरज उगेगा भोर में।।
कवि- अशोक कुमार यादव, मुंगेली, छत्तीसगढ़