१*
हृदय तार वो झंकृत करता।
मिलने को उर सदा तरसता।
नैनों से फेंके शर सायक
क्या वह साजन?
.
.
धत री! नायक।।
२*
रोम रोम में मेरे बसता।
जब वो हँसता तब जग हँसता
ना वो मोदी ना ही योगी
क्या सखि भोगी?
.
ना री! जोगी
३*
उसकी आँखें कहे कहानी।
सस्मित अधर बड़ी मृदु बानी।
नहीं फकीरा नहीं कबीरा।
क्या वह दूत?
.
.
धत! अवधूत
अनुराधा पाण्डेय , द्वारिका , दिल्ली