मालूम है सब कुछ हमको, बना रहे हो बेवकूफ तुम।
हमसे हकीकत छुपाओ नहीं, दिल की बता दो बात तुम।।
मालूम है सब कुछ हमको——————।।
हमें दिख रही है साफ-साफ़, बेचैनी तुम्हारे चेहरे पर।
करते हो प्यार हमसे भी तुम, इजहार क्यों नहीं करते तुम।।
मालूम है सब कुछ हमको—————–।।
हमको देखकर आपका, शरमाकर चेहरा छुपाना हाथों से।
चेहरा मोड़कर यूँ मुस्कराना, बता दो इसकी वजह तुम।।
मालूम है सब कुछ हमको—————-।।
सहलाते हो हमको जो तुम, तकरार हमसे करके ऐसे।
लहराई क्यों जुल्फें तुमने, किसको छुपावोगे इनमें तुम।।
मालूम है सब कुछ हमको—————–।।
बहुत ही निराली अदा है तुम्हारी, करती है मदहोश दिल को।
करते हो बातें क्या धीरे-धीरे, क्या राज है कह दो तुम।।
मालूम है सब कुछ हमको————–।।
-गुरुदीन वर्मा .आज़ाद
तहसील एवं जिला- बारां (राजस्थान)