अलविदा
ही-मैन !
दुःखी हम सभी..,
हैं तुम्हारे फ़ैन !!1!!
धरमवीर
हमारे वीरू !
यारों के यार..,
अदा के गुरु !!2!!
दरियादिल
धर्मेंद्र सदाबहार !
जीवंत हरेक पल..,
रहा यादगार किरदार !!3!!
सादगीपूर्ण
विरल व्यक्तित्व !
जीवन था औचित्यपूर्ण..,
धनी अप्रतिम कृतित्व !!4!!
श्रद्धांजलि
नमन वंदन !
आई विदाई घड़ी…,
करते अंतिम दर्शन !!5!!
– सुनील गुप्ता,
जयपुर, राजस्थान |