गुड़िया का प्यारा सा घर,
रंग-बिरंगा बड़ा मज़ेदार।
खिड़कियाँ, दरवाज़े सब हैं सजे,
खुशियों से भरा हर कोना।
गुड़िया खेलती, हँसती आई,
दोस्तों संग मस्ती लाई।
कपड़े रंगीन, हँसी प्यारी,
सबके दिल को छू जाए सारी।
आओ बच्चों, साथ मिलकर,
गुड़िया का घर सजाएं।
खुशियों से हर दिन भर दें,
मस्ती के गीत गाएं।
-डॉo सत्यवान सौरभ 333,
परी वाटिका, कौशल्या भवन,
बड़वा (सिवानी) भिवानी,
हरियाणा – 127045