मनोरंजन

एक पुराना पेड़ – सुनील गुप्ता

एक पुराना पेड़ पीपल का

खड़ा अटल किनारे सड़क पे  !

देता घनी छाँव राहगीरों को..,

गर्मी सर्दी हरेक मौसम में ये !!1!!

 

कभी न ये शिकायत करता

बल्कि सुनता हजारों की बातें !

किसी से भी न चुगली करता..,

चलता पचाए शिकवे-शिकायतें !!2!!

 

बरसों से ये यूँ ही खड़ा

देखे न जाने कितने मंजर !

विकास का जब पहिया दौड़ा..,

लगा अब चलेगा इसपे ख़ंजर !!3!!

 

ये रहा बचा इनसे सदाबहार

देता रहा फल-फूल उपहार !

कभी न कुछ बदले में चाहा..,

रहा अपने में बना ख़ुशगवार !!4!!

 

आकर बैठे इसपे हजारों पंछी

कई ने बसाए पाले हैं परिवार !

ये रहा खुश औरों की मर्जी में…,

बना सबकी खुशिहाली का आधार !!5!!

– सुनील गुप्ता, जयपुर, राजस्थान |

 

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