चले नेताजी
बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र का,
दौरा करने !!1!!
बनाके घोड़ी
इंसानी पीठ चढ़े,
चले मुस्काते !!2!!
घंटों चलके
समझा दुःख-दर्द,
आँखें मिलाते !!3!!
है डूबते को
नेताजी का सहारा,
कुछ पा जाएं !!4!!
रोता किसान
आस बंधाए चले,
रीता ही जाए !!5!!
– सुनील गुप्ता
जयपुर, राजस्थान