नीले आसमान में उड़ती,
रंग-बिरंगी पतंगें।
हवा से बातें करती,
खुशियों की संगतें।
मिट्टी की खुशबू संग खेलें,
दोस्तों के संग मस्ती।
हर दिल में हो उमंग,
हर दिन हो बस उत्सव कीस्ती।
पतंगों की ये दुनिया प्यारी,
सपनों से भरी सारी।
आओ मिलकर उड़ाएं,
खुशियों के रंग सजाएं।
– डॉo सत्यवान सौरभ 333,
परी वाटिका, कौशल्या भवन,
बड़वा (सिवानी) भिवानी,
हरियाणा – 127045,