( 1 ) जग गोकुल में
जब आनंद भयो,
दें गोकुलवासी खूब बधाई !
चले कान्हा रास रचायो
खुशियाँ चलीं सरसायी आईं !!
( 2 ) बृज गलियन में
गोप सखियाँ नाचीं,
देने पहुँचे सभी बधाई !
नंद के आनंद भयो..,
माखन खाए नाचे तरुणाई !!
( 3 ) वृंदावन कानन में
सभी शुभानन खिले,
दें गाते बधैया और बधाई !
कन्हैयालाल की जै जै जै..,
कोटि ब्रह्माण्ड चली हर्षाई !!
( 4 ) नंदबाबा घर में
गूंजें कान्हा किलकारी,
हर्षाए मन दे रही बधाई !
प्रेम श्रद्धा चली उमड़ाई..,
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पावन आई !!
( 5 ) हर घर-घर मंदिर में
आनंद ऋतु है छायी,
बजे चहुँओर गीत बधाई !
श्री कृष्ण जन्माष्टमी पावन आई..,
चलें बाँटते सभी खुशी से मिठाई !!
– सुनील गुप्ता , जयपुर, राजस्थान