मनोरंजन

राखी पर फिर लौटें बचपन में – सुनील गुप्ता

( 1 ) आओ
लौट चलें फिर बचपन में,
इस राखी पर हम भाई बहन !
खूब खेलें खेल डूबे मस्ती में…,
पर्व मनाएं ये सुंदर रक्षाबंधन !!
( 2 ) वो
दिन पुराने बचपन के,
याद हो आएं मनाते रक्षाबंधन !
वो प्यार मनुहार लाड़ली बहना के..,
चलें हमें लुभाते, जोड़े है प्रीत बंधन !!
( 3 ) हो
आएं यादें सुखद स्मृतियाँ,
वो बीते सुनहरे बचपन के दिन !
बाँधके हाथों में चलें सुंदर राखियाँ…,
और खेल रचाते अनुपम, बहना के संग !!
सुनील गुप्ता ,जयपुर, राजस्थान |

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