नेकी करे सभी से ये कहना जरूर है,
पापो को आज अपने हटाना जरूर है।
इस जिंदगी मे यार तुम्हे चाहते बड़ा,
तुम गैर हो भले कुइ रिशता जरूर है।
धोखा किया है यार ने हमको पता नही,
लेकिन हमारा ये दिल तो दुखाया जरूर है।
दिल आ गया है उसपे हमारी खता नही,
शायद तेरी अदा ने सताया जरूर है।
करते हैं प्यार तुमसे यूँ सदियों से हम भले,
माँगेगे जो खुदा से वो मिलता जरूर है।
नेकी भरी है जो दिल मे,वो महसूस तुम करो,
कर्मौ का फल बड़ा है भुगतता जरूर है।
– रीता गुलाटी ऋतंभरा, चंडीगढ़