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जयतु मातु अम्बे – कर्नल प्रवीण त्रिपाठी

 

प्रणाम ब्रह्मचारिणी सर्व दुख निवारिणी,

सर्वजन भवताप मातु हर लीजिये।

 

अंबिका समान तप किया करें रोज जप,

तपस्या से कामनाएँ अंत कर दीजिये।

 

बाधाएँ आएं दानवी कर्म करिये मानवी,

संकट संताप सभी दूर कर दीजिये।

 

मन में सुरम्य भाव करते बड़ा प्रभाव,

भक्ति का अनूप रस सभी नित्य पीजिये।

– कर्नल प्रवीण त्रिपाठी, नोएडा, उत्तर प्रदेश

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