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ट्रंप टैरिफ,एआई और शेयर बाजारों का भविष्य – विवेक रंजन श्रीवास्तव

neerajtimes,com – अप्रैल 2025 तक वैश्विक शेयर बाजार अनेक अवसरों और चुनौतियों के बीच संतुलन बना रहे हैं। आर्थिक गतिविधियां, भू-राजनीतिक तनाव, सामाजिक रुझान और तकनीकी प्रगति मिलकर बाजार की दिशा तय कर रहे हैं, ट्रंप टैरिफ ने असामान्य स्थिति बना दी है। यह समय शेयर बाजार पर समझ चाहता है।

अमेरिकी अर्थव्यवस्था ए आई(कृत्रिम बुद्धिमत्ता) प्रेरित उत्पादकता पर टिकी  हुई है। मॉर्गन स्टेनली के अनुसार, एआई 1990 के दशक जैसी तेजी का कारण बन सकता है,

मुद्रास्फीति में कमी (यूके में फरवरी में 2.8 प्रतिशत) से ब्याज दरों में और कटौती की संभावना है, लेकिन अमेरिकी 10 वर्षीय बॉन्ड यील्ड 4.25 प्रतिशत बनी हुई है, जिससे उधारी महंगी हो रही है।

अंतरराष्ट्रीय बाजारों, विशेषकर यूरोप  और चीन के टेक शेयरों में तेजी देखी गई है, जो वैश्विक विविधता की ओर निवेशकों के झुकाव को दर्शाता है।

अमेरिका की टैरिफ नीतियाँ और शुल्क बाजार में अनिश्चितता बढ़ा रही हैं। जापान, रूस-यूक्रेन और इस्राइल-हमास संघर्षों का प्रत्यक्ष असर सीमित रहा है, लेकिन ऊर्जा कीमतें (65–90 डॉलर प्रति बैरल) अस्थिर बनी हुई हैं।

2025 में 60 से अधिक देशों में चुनाव, व्यापार और निवेश नीतियों को प्रभावित कर सकते हैं।

टेक और ग्रीन एनर्जी में उपभोक्ता रुचि बढ़ रही है। वरिष्ठ जन स्वास्थ्य व सेवानिवृत्ति निवेश को बढ़ावा दे रहे है। सोशल मीडिया,एआई और ईएसजी  जैसे ट्रेंड निवेशकों की भावना को तेज़ी से प्रभावित कर रहे हैं।

IREDA के 26 मिलियन डॉलर के ग्रीन फंड और HAL के 62.7 बिलियन डॉलर के रक्षा सौदे सतत निवेश और सुरक्षा दोनों क्षेत्रों में विश्वास को दर्शाते हैं।

आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस ने टेक क्षेत्र में क्रांति ला दी है। “मैग्निफिसेंट सेवन” कंपनियाँ 2024 में 47 प्रतिशत तक बढ़ीं, जबकि एआई स्टार्टअप्स वेंचर कैपिटल डील्स का 27 प्रतिशत हिस्सा हैं।

डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और रोबो-सलाहकारों ने खुदरा निवेशकों की भागीदारी बढ़ाई है, जिससे बाजार की अस्थिरता भी तेज़ हुई है। ब्लॉकचेन निवेश के नए अवसर दे रहे हैं। प्राम्पट इंजीनियरिंग में रोजगार बढ़ा है।

पर्यावरणीय और सामाजिक निवेश की मांग में तेजी आ रही है।

डिजिटल ट्रेडिंग में अधिक खुदरा भागीदारी, लेकिन उच्च अस्थिरता दिख रही है।

2025 में शेयर बाजार का भविष्य मिश्रित है। यदि एआईऔर वैश्विक वृद्धि सकारात्मक रुख बनाए रखते हैं, तो बाजार में तेजी संभव है। लेकिन टैरिफ, चुनाव और भू-राजनीतिक तनाव जोखिम पैदा करते हैं। निवेशकों को दीर्घकालिक दृष्टिकोण, विविध पोर्टफोलियो और तकनीकी/ईएसजी रुझानों पर सतत निगरानी रखने की जरूरत है।(विनायक फीचर्स)

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