मनोरंजन

ग़ज़ल – रीता गुलाटी

डूबे  दुख से बाहर लाकर मानेगे,

दे खुशियाँ हर हाल बसाकर मानेगे।

 

खोये  जो याद मे, जगा कर मानेगे

देगे खुशियाँ  सभी  बता कर मानेगे।

 

करते हैं प्यार तुमसे, समझो जरा तुम.

चाहत का अहसास करा कर मानेगे।

 

दूर हो भले हमसे रहना सदा पास मेरे.

तुमको दिल मे अपने बेठा कर मानेगे।

 

सपनो मे आज खोये देखे अक्स भी,

सच यार  दीवाना बना कर मानेगे।

 

उगी हुई है जो खार दिलो मे कब से.

हम सहरा मे फूल खिला कर मानेगे।

रीता गुलाटी ऋतंभरा, चंडीगढ़

Related posts

“जिंदगी से जंग जीतेंगे हम” नामक पुस्तक अमेज़न पर उपलब्ध : संदीप कुमार

newsadmin

भूकंप – सुनील गुप्ता

newsadmin

बंद करो खल से खेलों का व्यापार – हरी राम यादव

newsadmin

Leave a Comment