( 1 ) देवी
दुर्गा माता,
हैं स्त्री शक्ति की परिचायक !
आओ, करें माता की स्तुति वंदना…,
और चलें पूजते आद्या देवी को प्रतिदिन !!
( 2 ) देवी
काली माता,
हैं एक दिव्य महाशक्ति हिमावती !
आओ, करें माँ की नित्य आराधना…,
और चलें झूमते गाएं माता की आरती !!
( 3 ) देवी
सती माता,
हैं पवित्र पाविनी, माँ दाक्षायनी !
आओ, करें नित पाठ दुर्गा सप्तशती का…,
और चलें खिलाएं जीवन कुमुदिनी !!
( 4 ) देवी
काली भद्र काली,
हैं कपालिनी दुर्गा क्षमा शिवाधात्री !
स्वाहा स्वधा नमोस्तुते माता कालरात्रि…,
हो आप ही महागौरी और सिद्धिदात्री !!
( 5 ) देवी
स्कंदमाता ब्रह्मचारिणी शैलपुत्री,
कोटिक चंद्र दिवाकर राजत समज्योति !
शुम्भ निशुम्भ बिडारे और महिषासुर घाती…,
चले धूम्र विलोचन करती नैना निशिदिन मदमाती !!
( 6 ) देवी
माँ की आराधना,
करें नित्य नारी गुणों का सम्मान !
आओ, शक्ति भक्ति की अर्चना स्तुति करते.,
करें अपनी सनातन धर्म संस्कृति का मान !!
( 7 ) देवी
मैया जय मंगल मूर्ति,
जय माता भवानी, जय अम्बे गौरी !
आओ, करें नवरात्रि में मिलकर सभी आरती..,
और चलें ध्यावत तुम्हें श्रीहरि ब्रह्मा शिवरी !!
– सुनील गुप्ता (सुनीलानंद), जयपुर, राजस्थान