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गीत – मधु शुक्ला

कृपा कर भक्ति का वरदान माता शारदे देना।

हमारी प्रार्थना पर ध्यान माता शारदे देना।

 

नहीं है ज्ञात कैसे माँ करूँ आराधना तेरी।

फँसी हूँ मोह ममता में भ्रमित है बुद्धि माँ मेरी।

करूँ कैसे हृदय शुचि, ज्ञान माता शारदे देना……. ।

 

सुना है आपने जग में हजारों पातकी तारे।

जपे जब नाम श्रद्धा से किये तब दूर दुख सारे।

हमें पथ मुक्ति की, पहचान माता शारदे देना……।

 

जगत में जीव का पीछा नहीं माया कभी छोड़े।

बताओ किस तरह नाता मनुज मन आपसे जोड़े।

शरण आये हुए को, मान माता शारदे देना……. ।

— मधु शुक्ला, सतना, मध्यप्रदेश

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