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कविता – रोहित आनंद

जय शिव शंकर हो जय शिव भोले,

तेरे भक्त सदा जय बम बम बोले।

जय रजनीश हो जय ऋषिकेश|,

जय भोले हो बम बम भोले।

 

हर संकट के हैं शिव शंकर नाशन,

जन जन में भटकते तेरे भक्तजन,

भेद दिल के दरबार में खोले,

जय भोले हो बम बम भोले।

 

नारद शारद सदा शीश झुकाते,

याद करें सब जब-जब विपदा आते।

शिव शक्ति को भक्ति में तौलें,

जय भोले हो बम बम भोले।

 

योगी-मुनि दर्शन के अभिलाषी,

कट जाता झट सारा तन चौरासी।

बिना तेरे पग-पग पर मन डोले,

जय भोले हो बम बम भोले।

 

पार्वती के संग पर्वत पर बैठे,

खोल रहे मिल कर हृदय की गांठे।

खाली हाथ हाथों में नहीं झौले,

जय भोले हो बम बम भोले।

 

रौद्र रूप विकराल दिखाता,

तांडव नृत्य‌ कर भांग सनवाता।

चढ़ जाए भंग रग रग में धीरे-धीरे,

जय भोले हो बम बम भोले।

 

प्यारा मन है चरण कमल में,

खुशियां मिलती रहे तेरे चरण में।

झूम रहें हैं उड़न खटोले,

जय भोले हो बम बम भोले।

✍️रोहित आनंद, मेहरपुर, बांका, बिहार

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