कारोबार

लावारिस पड़े बैंक खातों के वारिसों का पता लगा कर पैसा लौटाएंगे बैंक

बैंकों, बीमा कंपनियां या दूसरे वित्तीय सेक्टर में लावारिस पड़े जमा राशियों या निवेशित राशियों को लौटने का एक बड़ा अभियान देश में शुरू किया जाएगा। पहले चरण में वैसी अनक्लेम्ड राशि लौटाने की व्यवस्था की जाएगी, जिसके मूल निवेशकों या खाताधारकों ने अपने वारिसों की जानकारी संबंधित बैंक, कंपनी या वित्तीय संस्थान को दे रखी है लेकिन उनकी तरफ से लंबा समय गुजर जाने के बाद भी उक्त राशि पर दावा नहीं किया गया है।

अब इन बैंकों या वित्तीय संस्थानों की जिम्मेदारी होगी कि वह इन लोगों का एक डाटा बेस तैयार करके उन्हें राशि लौटाने का काम करें। यह फैसला सोमवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में वित्तीय स्थिरता व विकास परिषद (एफएसडीसी) की हुई बैठक में लिया गया। एफएसडीसी में वित्त मंत्रालय के विरिष्ठ अधिकारियों के अलावा आरबीआइ गवर्नर डॉ. शक्तिकांत दास, नियामक एजेंसी सेबी, पीएफआरडीए, आइआरडीए के अध्यक्ष भी शामिल थे।

आज की बैठक में अमेरिका व यूरोप के कुछ बैंकों में आई समस्या और इसके भारतीय वित्तीय सेक्टर पर पड़ने वाले असर को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई है। वित्त सचिव अजय सेठ ने बैठक के बाद बताया कि, एक फैसला यह हुआ है कि वित्तीय क्षेत्र में ग्राहकों की पहचान को सत्यापित करने संबंधी केवाइसी नियमों को आसान व डिजिटल क्षेत्र में हो रहे बदलाव के मुताबिक सरलीकृत किया जाएगा। इस बारे में पहले ही आरबीआइ के डिप्टी गवर्नर की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति है जिसकी सिफारिशें आ गई हैं। इस समिति में दूसरी सभी नियामक एजेंसियों के प्रतिनिधि व वित्त मंत्रालय के भी अधिकारी शामिल हैं।

Related posts

अपर मुख्य सचिव वित श्री आनन्दवर्धन ने विभिन्न योजनाओं के तहत वितरित किए जाने वाले ऋणों के लक्ष्य को 75 प्रतिशत तक प्राप्त करने के निर्देश दिए

newsadmin

एयू एस॰एफ॰बी॰ का मजबूत प्रदर्शन – शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 44% से बढ़कर ₹387 करोड़ हुआ

newsadmin

एसबीआई कार्ड और रिलायंस रिटेल ने साथ मिलकर ‘रिलायंस एसबीआई कार्ड’ लॉन्च किया

newsadmin

Leave a Comment