मनोरंजन

शिवरात्रि – निहारिका झा

आयी रात मुरादों की आज शादी है भोले की।।

गले में मुंड माल धारी , देखो आये त्रिपुरारी।।

जटा में गंग रहे सोहे,अद्भुत छवि मन को मोहे।।

ब्याहें गौरा भंडारी ,देखो आये त्रिपुरारी।।

निकली शिव की है बारात,  नन्दी  गण भी उनके साथ।।

करें हिम राजा स्वागत आज ,उतारें आरती मैना आज।।

बड़ी शुभ घड़ी मिलन की आज

चली हैं  गौरा शिव के  साथ।।

आयी रात……।।।

– निहारिका झा, खैरागढ़,  राज. (36 गढ़)

Related posts

मानवतावादी मनस्वी चिंतक गुरू रविदास – मनमोहन सिंह

newsadmin

प्रेरणा हिंदी प्रचार सभा में सुधीर श्रीवास्तव को संरक्षक नियुक्त किया गया – संगम त्रिपाठी

newsadmin

कवियों एवं पत्रकारों को प्रदान किया गया प्रेरणा सम्मान

newsadmin

Leave a Comment