मनोरंजन

ख्वाहिश – राजीव डोगरा

ख्वाहिश है मेरी उड़ने की

मुझे गिरना न सिखाइए।

ख्वाहिश है मेरी मोहब्बत की

मुझे नफ़रत न सिखाइए।

ख्वाहिश है मेरी जीतने की

मुझे हारना न सिखाइए।

ख्वाहिश है मेरी मुस्कुराने की

मुझे रुलाना न सिखाइए।

ख्वाहिश है मेरी जीने की

मुझे मरना न सिखाइए।

ख्वाहिश है मेरी दिल लगाने की

मुझे दिल बहला न सिखाइए।

ख्वाहिश है मेरी तेरे साथ रहने की

मुझे दूर रहना न सिखाइए।

– राजीव डोगरा

पता-गांव जनयानकड़, कांगड़ा हिमाचल प्रदेश

 

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