मनोरंजन

गणपति प्रभाती- कर्नल प्रवीण त्रिपाठी

श्री गणेश मंगल करें, हरें सभी संताप।

भक्तजनों को सताते, नहीं कभी भवताप।।

आते हैं हर साल वह, हो उत्सव की धूम।

मंगलमय सुर-ताल से, तनमन जाते झूम।

 

देवन के तुम देव गणेश, महेश पिता गजनाथ तुम्हारे।

पारवती तव मातु दुलार, करें सुत पे नित जावति वारे।

पूजन संत-समाज करे, सबसे पहले प्रभु नाम पुकारे।

सिद्धि विनायक सर्व करो, हर लो हर संकट आप हमारे।4

– कर्नल प्रवीण त्रिपाठी, नोएडा, उत्तर प्रदेश

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