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संगीत-साधना और संघर्ष की सुमधुर पहचान हैं सपना राज – कुमार संदीप

neerajtimes.com मुजफ्फरपुर। संगीत की साधना, संघर्ष और संवेदनशीलता से अपनी विशिष्ट पहचान बनाने वाली मुजफ्फरपुर की गायिका एवं संगीत शिक्षिका सपना राज आज अनेक संगीतप्रेमियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। बान्थू (ठाकुरबाड़ी) में जन्मीं सपना राज ने प्रारंभिक शिक्षा के बाद एल.पी. शाही महाविद्यालय, मुजफ्फरपुर से उच्च शिक्षा प्राप्त की तथा गुरु श्री ठाकुर राम सिंह तोमर के मार्गदर्शन में संगीत की विधिवत साधना की। उन्होंने गोपाल संगीत महाविद्यालय, बीना (मध्य प्रदेश) से संगीत शिक्षा ग्रहण की।

कला, संस्कृति एवं युवा विभाग के तत्वावधान में आयोजित श्रावणी महोत्सव, अबरखा (बांका) से उन्हें सरकारी मंच पर अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करने का अवसर मिला। इसके बाद हिन्दी भवन, दिल्ली, सरस मेला पटना, हरिहर क्षेत्र महोत्सव सोनपुर, श्रावणी महोत्सव सुल्तानगंज एवं मुजफ्फरपुर सहित विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों तथा दूरदर्शन पर भी उन्होंने गायन प्रस्तुत किया।

संगीत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से उन्होंने 8 सितंबर 2015 को ‘सपना राज कला संगम म्यूजिक एकेडमी’ की स्थापना की। यहां वे विद्यार्थियों को संगीत की नियमित शिक्षा देकर उनकी प्रतिभा को निखारने का कार्य कर रही हैं।

सपना राज का मानना है कि संघर्ष सफलता की सीढ़ी है और निरंतर साधना, गुरु का मार्गदर्शन, परिवार का सहयोग तथा दृढ़ संकल्प ही किसी प्रतिभा को मंजिल तक पहुंचाते हैं। परिवार की जिम्मेदारियों के साथ संगीत-साधना और शिक्षण को निरंतर आगे बढ़ाना उनके व्यक्तित्व की विशेषता है।

युवा साहित्यकार कुमार संदीप ने बताया कि उनकी जीवन-यात्रा केवल एक गायिका की उपलब्धियों का वृत्तांत नहीं, बल्कि यह संदेश भी है कि सच्ची साधना स्वयं की पहचान बनाने के साथ दूसरों के सपनों को भी पंख देती है। सुरों के प्रति समर्पण और विद्यार्थियों के प्रति स्नेह ने उन्हें एक संवेदनशील संगीत साधिका के रूप में विशिष्ट स्थान प्रदान किया है।

रिपोर्ट -कुमार संदीप

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