मनोरंजन

ग़ज़ल – रीता गुलाटी

कभी जिंदगी मे न दुख को तू पाना,

सदा आप फूले,फले, मुस्कुराना।

 

खता माफ कर दो नही कर बहाना,

रहो दूर  मुझसे,करीब तुम न आना।

 

कभी यार मेरा न दिल तुम दुखाना,

अदाओ से अपनी न जादू चलाना।

 

लगे चाँद से तुम,करे प्यार तुमको,

खुशी का है मौका,हमे आजमाना।

 

चलो साथ मिलकर हमेशा रहेगे,

हमे प्यार से यार नगमा सुनाना।

 

हमारी  तमन्ना  है बाँहो मे ले लूँ,

खुशी का है मौका,कहे दिल सुनाना।

 

लिखूं यार तुमको,पढूँ यार तुमको।

करूँ प्यार तुमको,है जन्नत को पाना।

– रीता गुलाटी..ऋतंभरा, चंडीगढ़

 

Related posts

डरावनी फिल्मों का रहस्य (व्यंग्य) – विवेक रंजन श्रीवास्तव

newsadmin

उजयाड़ (गढ़वळी कहानी) – हरीश कण्डवाल

newsadmin

तलाश रही हूँ, – ज्योत्स्ना जोशी

newsadmin

Leave a Comment