सुना केतना मन लागी हमके तड़पावे में।
दिल बरबाद हो जाई तोहसें दिल लगावे में।
जान तोहके कहिला जान तोहके देइला।
जान ले लिहलु आंख से आंख मिलावे में।
रूप के रानी हऊ श्याम के दीवानी हऊ।
होश ना रही झलक तोहार अब देखावे में।
तोहरे प्यार में पागल हई रूप के हम कायल हई।
कुछ त वक्त लागी हाल ए दिल सुनावे में ।
जान जाई भ रही प्यार हम करब तोहसे।
भारती दिल बस गइलू मुश्किल यार के भुलावे में।
– श्याम कुंवर भारती (राजभर), बोकारो,
झारखंड मॉब.9955509286