सइयां से पुछेली दुलहीनिया,
कई से अबकी छठ होई दईया।
जइसे भईल पिछला साल धनिया
पूरा करिहें अबकी छठ मईया ।
कई से अबकी छठ………..।
पइसा ना कौड़ी नाही ढेला रुपईया
कईसे करवा बरत छठ मईया।
कई से अबकी छठ ………।
बेची के अनाज खरीदब सब समान हो।
श्रद्धा से अबकी बरत करिहा गोरिया।
कई से अबकी छठ…….।
केरा नारियर ले आइब उख बहगियां
दौरा उठाइब जाईब छठ घटिया,
कैइसे अबकी छठ………।
देशवा खुशहाल रहे मंगिहा वरदान हो।
टूट जाए दुश्मन के कमरिया ,
कई से अबकी छठ……।
फौजी जवान बनिहा माई से मांगब हो
सौ साल बढ़े पिया के उमिरिया,
कई से अबकी छठ होई दईया।
पूरा करिहें अबकी छठ मइया।
- श्याम कुंवर भारती (राजभर)
बोकारो,झारखंड, मॉब.9955509286