मनोरंजन

सामर्थ्य – कर्नल प्रवीण त्रिपाठी

समस्या कभी सामने जब खड़ी हो।

मुसीबत भले पर्वतों से बड़ी हो।

नहीं हार मानी निकाला सदा हल,

परीक्षा हमारी भले ही कड़ी हो।

 

जतन से लगन से करें काम हरदम।

सफलता मिलेगी बढ़े नाम हरदम।

मिले मूल्य कितना कसौटी कहेगी,

चमक देख मिलते कहाँ दाम हरदम।

– कर्नल प्रवीण त्रिपाठी, नोएडा, उत्तर प्रदेश

Related posts

पूरा हो जाये – शशि पाण्डेय

newsadmin

ग़ज़ल (हिंदी) – जसवीर सिंह हलधर

newsadmin

मेरे सपने मेरे अपने – रश्मि मृदुलिका

newsadmin

Leave a Comment